Samastipur

“150 साल पुराना रेल पुल होगा ध्वस्त:अंग्रेजों ने पहली बार शुरू की थी समस्तीपुर-दरभंगा के बीच ट्रेन

समस्तीपुर।शहर से गुजरने वाली बूढी गंडक नदी पर बनी अंग्रेजों के जमाने का पुल अब जल्द ही इतिहास बनने वाला है। इस पुल के सहारे अंग्रेजों ने पहली बार 17 अप्रैल 1874 को समस्तीपुर से दरभंगा के बीच ट्रेन चलाई थी। चार पाये के इस पुल को कंडम घोषित कर रेलवे ने पुल के स्क्रैप की नीलामी कर दी है। इसको तोड़ने का काम भी शुरू कर दिया गया है।

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1874 में अंग्रेजों ने बनाया था पुल

समस्तीपुर रेलवे मंडल के इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 1874 में अंग्रेजों ने इस पुल पर छोटी लाइन के लिए 180 मीटर लंबा पुल बनाया था। उस समय ट्रेनों से यात्री के साथ राहत सामग्री ढोने का काम किया जाता था। इसके बाद छोटी लाइन को ही बड़ी लाइन में बदल दिया गया। अब इस पुल की जगह दो नया रेलवे पुल बन कर तैयार हो चुका है। इससे अप व डाउन सेवा लिया जा रहा है। दोनों नये पुलों पर ट्रेनों का परिचालन होने के बाद अब इस पुल को कंडम घोषित कर दिया गया है। बेकार पड़े इस पुल का स्क्रैप बेचने के लिए नीलामी की गई है। इसके बाद पुल के गाटर आदि को तोड़ने का काम शुरू कर दिया गया है।

पुल के सभी गाटर व रेलवे लाइन को खोला जाएगा

रेलवे अधिकारी ने आगे बताया कि चार पाये के इस पुल के लोहे का गाटर, रेलवे लाइन, पटरी व अन्य लोहे के पार्ट को खोलने का काम शुरू कर दिया गया है। सिर्फ रेलवे पुल के पाये की नीलामी नहीं हुई है। नीलामी के अनुरूप पुल के गाटर व रेलवे लाइन खोलने का काम शुरू हो गया है। एक महीने के अंदर ही सब तोड़कर हटा दिया जाएगा। बता दे कि बाढ़ के दौरान इस पुल पर नदी का पानी सट जाता था। इसके कारण समस्तीपुर-दरभंगा के बीच ट्रेन सेवा बंद करना पड़ता था। नये पुल बनने के बाद स्थिति में सुधार हुआ है।

Kunal Gupta

9 साल का पत्रकारिता का अनुभव।प्रभात खबर में कार्यरत, साथ ही बिहार न्यूज tv, आज अख़बार, दैनिक भास्कर में कार्य का अनुभव।कंटेट राइटर, एडिटिंग का कार्य,पत्रकारिता की हर विधा को सीखने की लगन।

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