8 साल बाद पहुंची बहू की ससुराल में नो एंट्री:बेटे संग 3 घंटे खटखटाते रही दरवाजा
पटना।भागलपुर में 8 साल बाद गुड़िया देवी (32) अपने बेटे आदित्य (13) के साथ ससुराल पहुंची। हालांकि, ससुराल वालों ने उसे पहचानने से इनकार कर दिया और घर में घुसने नहीं दिया। गुड़िया के पति ने उसे मायके में छोड़ दिया था। पति की एक साल पहले मौत हो गई है।महिला करीब तीन घंटे तक गुहार लगाती रही। दरवाजा खटखटाते रही, पर किसी ने एक न सुनी। ससुराल वाले इनको रखने के लिए तैयार नहीं थे। गुड़िया का कहना है कि उसके पति की मौत की सूचना भी ससुराल वालों ने उसे नहीं दी थी। कुछ दिन पहले जब वो भागलपुर आई तो इसकी जानकारी हुई।
इसके बाद वो बेटे आदित्य और अपने पिता के साथ ससुराल पहुंचीं। लेकिन, ससुराल वालों ने न अपने बहू को पहचाना और ना ही बच्चे को। दरवाजा बंद कर लिया।महिला की शादी 2007 में हुई थी। तब से ही उसकी पति से नहीं बनती थी। बच्चा हुआ तो पति ने बच्चे को अपना कहने से इनकार कर दिया। साथ ही दोनों को घर से निकाल दिया था। यहां तक कि बच्चे का डीएनए टेस्ट भी कराया। रिपोर्ट पॉजिटिव आई, फिर भी पत्नी को अपने साथ नहीं रखा। मामला भागलपुर के जीरोमाइल थाना क्षेत्र के रेशम भवन के पास की है।
पटना हाईकोर्ट से डीएनए टेस्ट की अपील की थी
महिला ने कहा कि जब 2008 में बच्चा हुआ तो पति मनोज ठाकुर से विवाद हो गया। पति कहने लगे कि ये मेरा बच्चा नहीं है। कानून के सहारे आओ, डीएनए टेस्ट कराओ। 2008 में एफआईआर भी कराई थी। पटना हाईकोर्ट से डीएनए टेस्ट की अपील की। वर्ष 2012 में डीएनए टेस्ट हुआ था। 2014 में रिपोर्ट आई, जो पॉजिटिव निकली।रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद दोनों में समझौता हो गया था। 2020 तक महिला मायके में रही, पर पति बात नहीं करता था। 2020 में ही महिला टीईटी की ट्रेनिंग के लिए टाटा चली गई। इस साल सात दिन पहले जब महिला अपने मायके लौटी तो पता चला कि उसके पति की मौत 2023 में ही हो गई है। जिसके बाद वो अपने ससुराल पहुंची। हालांकि, ससुराल वालों ने उसे रखने से मना कर दिया।
दादी ने पहचानने से इनकार कर दिया
वहीं, महिला के बेटे आदित्य ने कहा कि दादी बोली कि मैं उनका पोता नहीं हूं। मेरे दादा भी कुछ दिन पहले गुजर गए हैं। मेरे पिता जी भी एक्सपायर हो गए। मुझे इस बात की सूचना नहीं थी।पीड़िता के पिता बासुकी ठाकुर ने कहा कि समझौता के बाद भी ससुराल वाले बेटी को रखना नहीं चाहते। 2007 में शादी होने के बाद बच्चा हुआ था। मेरे दामाद ने कहा था कि ये बच्चा मेरा नहीं है।
9 साल का पत्रकारिता का अनुभव।प्रभात खबर में कार्यरत, साथ ही बिहार न्यूज tv, आज अख़बार, दैनिक भास्कर में कार्य का अनुभव।कंटेट राइटर, एडिटिंग का कार्य,पत्रकारिता की हर विधा को सीखने की लगन।
