Patna

सुल्तानगंज-अगुवानी फोरलेन पुल दो साल में पूरा करने का हाईकोर्ट में लिया शपथ,सुपर स्ट्रेक्चर ढहने से आया था चर्चा हुई

पटना। सुल्तानगंज-अगुवानी फोरलेन पुल के सुपर स्ट्रेक्चर ढहने के सात माह बाद भी अब तक फिर से निर्माण शुरू नहीं हो सका है। इसके लिए हाईकोर्ट में निर्माण एजेंसी एसपी सिंगला ने शपथ पत्र भरकर दिया है कि वह अपने खर्चे पर दो साल के अंदर काम पूरा करेगी। जिस दिन से काम शुरू होगा, उसके अगले दो साल के अंदर काम पूरा किया जाएगा। इस संदर्भ में हाईकोर्ट की ओर से 14 सितंबर 2023 को ही आदेश जारी किया गया है। हालत यह है कि तीन माह बीत जाने के बाद भी अब तक काम शुरू नहीं हो सका है।

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इस साल जून में फोरलेन पुल के जिस हिस्से में सुपर स्ट्रेक्टर गिरा था, वहां तीन कुआं है। टेस्टिंग के लिए उसकी सफाई 15 दिसंबर से शुरू कराई जा रही थी। लेकिन 16 दिसंबर की शाम पांच बजे एक मजदूर वहां गिर गया था। फिर 17 दिसंबर की देर रात मायागंज अस्पताल से पटना ले जाने के दौरान बेगूसराय के पास रास्ते में उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद से काम बंद हो गया था। अब एक बार फिर से पिलर संख्या-10,11 और 12 के कुआं की सफाई हो रही है। वह अब भी पानी में डूबा हुआ है। इस कारण से उसकी टेस्टिंग में भी समस्या आ रही है।

 

8 साल से 3.16 किलोमीटर लंबा पुल बन रहा है, बीते दाे साल के अंदर दाे बार सुपर स्ट्रेक्टर गिर चुका है एसपी सिंगला कंट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी 2014-15 से 1710 करोड़ की लागत से पुल का निर्माण करा रही है। इसकी लंबाई 3.16 किलोमीटर है। लेकिन अब तक दाे बार सुपर स्ट्रेक्चर ध्वस्त हो जाने से निर्माण की समयसीमा बार-बार बढ़ती रही। अगले साल 2024 तक काम पूरा होने की संभावना पहले जताई जा रही थी।लेकिन 2026 से पहले इसके बनने की संभावना कम है। पहले 30 अप्रैल, 2022 काे पाया संख्या 5 और फिर 4 जून, 2023 को पाया संख्या 10 से 12 तक के बीच सुपर स्ट्रेक्चर के गिरने से काम बाधित हाे गया था। हाईकाेर्ट में याचिका दायर हाेने और उस पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया गया है कि एजेंसी काे अपने खर्च पर ही इसका निर्माण कराना हाेगा।

 

गुणवत्ता सही नहीं हाेने से ताेड़कर नए सिरे से किया जाएगा कुएं का निर्माण

 

हालांकि विशेषज्ञाें की टीम ने उन तीनाें कुएं की टेस्टिंग के लिए प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इसमें देखा जाएगा कि वह काम के लायक है या नहीं। गुणवत्ता सही है या नहीं। अभी उसकी क्या स्थिति है। अगर काम के लायक नहीं हाेगा ताे उसे ताेड़कर फिर से बनाया जाएगा।हालांकि अभी तक न ताे निर्माण एजेंसी के पदाधिकारी और न ही पुल निर्माण निगम के इंजीनियर ही यह बता पा रहे हैं कि काम कब से शुरू हाेगा। संभावना जताई जा रही है कि अगर सबकुछ ठीक-ठाक रहा ताे अगले साल जनवरी के अंत या फरवरी से काम शुरू हाे पाएगा। ऐसे में 2026 में ही अब यह फाेरलेन पुल बनकर तैयार हाे पाएगा और लाेगाें काे इसकी सुविधा मिल पाएगी।

 

कुएं की टेस्टिंग कराई जा रही है

अभी कुआं की सफाई के साथ विशेषज्ञाें से टेस्टिंग कराई जा रही है। कुआं अब भी पानी में डूबा है। इसलिए इसकी टेस्टिंग के लिए कई प्रक्रिया अपनाई जा रही है। जांच रिपाेर्ट आने के बाद उसकी स्थिति का पता चलेगा। प्रयास है, जल्द से जल्द काम शुरू हाे पर कब तक शुरू हाेगा, यह कहना मुश्किल है।

-शशिभूषण सिंह, सीनियर प्राेजेक्ट इंजीनियर, पुल निर्माण निगम

Kunal Gupta

9 साल का पत्रकारिता का अनुभव।प्रभात खबर में कार्यरत, साथ ही बिहार न्यूज tv, आज अख़बार, दैनिक भास्कर में कार्य का अनुभव।कंटेट राइटर, एडिटिंग का कार्य,पत्रकारिता की हर विधा को सीखने की लगन।

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