Patna

बदल जाएगा बिहार मे पढ़ाई और परीक्षा का पैटर्न,KK Pathak का अब स्कूली बच्चों पर फोकस,नया आदेश

पटना । बिहार में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर बनाने की दिशा में सरकार के स्तर से एक और बड़ी पहल की जा रही है। इसमें स्कूलों के साथ उनमें पढ़ने वाले प्रत्येक बच्चे के प्रदर्शन पर भी अब सीधी दृष्टि रखी जाएगी।इसे लेकर प्रदेशभर के सभी जिलों में प्रखंड स्तर पर निगरानी सेल की स्थापना हो रही है, जो स्कूल और विद्यार्थियों के प्रदर्शन का रियल टाइम ब्योरा शिक्षा विभाग को उपलब्ध कराएगा।

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इसके लिए विद्यालयवार एप विकसित किया जा रहा है, जो यह बताएगा कि किस स्कूल या किस बच्चे के प्रदर्शन में क्या कमी है। रिपोर्ट के आधार पर उसमें जरूरी सुधार भी किए जाएंगे।यह व्यवस्था राज्य के सभी 71 हजार 863 प्रारंभिक और 9360 माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में नए वर्ष में लागू होगी। इसलिए शिक्षा विभाग ने सभी विद्यालयों में साप्ताहिक जांच परीक्षा की व्यवस्था लागू की है।81,223 विद्यालयों में परीक्षा कैलेंडर हुआ अनिवार्यराज्य में स्कूली शिक्षा में सुधार को लेकर उठाए गए कदमों में यह बड़ा कदम माना जा रहा है।

 

नए सत्र से परीक्षा कैलेंडर होगा लागू

शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने नए सत्र से सभी 81,223 विद्यालयों में परीक्षा कैलेंडर को लागू करने का निर्देश दिया है।

 

इससे सभी विद्यालयों में पढ़ाई और परीक्षा का स्वरूप बदल जाएगा। यही वजह है कि प्रत्येक सप्ताह सभी विद्यालयों में साप्ताहिक टेस्ट को अनिवार्य किया जा रहा है।इसकी उपयोगिता को देखते हुए माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कुछ इसी तरह की स्कीम केंद्र सरकार भी लागू करने जा रही है, जिसका नाम विद्या समीक्षा स्कीम लागू करने जा रही है।

 

इस मामले में बिहार ने आगे बढ़कर प्रत्येक स्कूल के हरेक बच्चे के प्रदर्शन की निगरानी शुरू कर दी है। यह पहल इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि अभी तक प्रत्येक विद्यालय और उनमें पढ़ने वाले बच्चों के प्रदर्शन पर नजर रखने की कोई व्यवस्था नहीं थी।स्कूली शिक्षा के मूल्यांकन का पारामीटर शिक्षा विभाग की इस नई व्यवस्था के तहत किस जिले में कितने विद्यालय हैं, प्रत्येक विद्यालय में शिक्षकों और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति क्या है, विद्यालयों में प्रतिदिन कितने बच्चे उपस्थित रहे हैं।

 

कितने बच्चों ने पीएम पोषण योजना का लाभ लिया, बच्चों की रिपोर्ट क्या है, इसका रीयल टाइम डाटा शिक्षा विभाग को मिलेगा जिसके आधार पर स्कूली शिक्षा का मूल्यांकन संबंधी पारामीटर तैयार करने में मदद मिलेगी।शिक्षा विभाग के निदेशक कन्हैया प्रसाद श्रीवास्तव के मुताबिक विद्यालयों में साप्ताहिक टेस्ट लेने से बच्चों के प्रदर्शन के मूल्यांकन में आसानी होगी और पढ़ाई में कमजोर बच्चों को चिह्नित कर उन्हें अतिरिक्त पढ़ाई की सुविधा देने में मदद मिलेगी।

 

यदि किसी कक्षा में जिन बच्चों का प्रदर्शन खराब पाया जाता है, तो उस विषय को पढ़ाने वाले शिक्षक की जवाबदेही तय की जाएगी।

 

बच्चों के प्रदर्शन की ये व्यवस्था होगी कारगर

शनिवार को विद्यालयों में होगा साप्ताहिक टेस्ट

प्रत्येक विषय में विगत एक सप्ताह में पढ़ाए गए पाठ्यक्रम पर विद्यार्थियों का टेस्ट लिया जाएगा

हर माह के अंत में मासिक परीक्षा होगी अनिवार्य

कक्षा एक से आठ तक के बच्चों के लिए प्रश्न पत्र संबंधित विद्यालय करेंगे तैयार

बच्चों को उत्तर पुस्तिकाएं कराई जाएंगी उपलब्ध

मासिक परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन तीन दिनों में करके संबंधित विद्यार्थियों को दी जाएगी

जांच परीक्षा के आधार पर बच्चों की मूल्यांकन रिपोर्ट और उत्तर पुस्तिकाओं को देखेंगे शिक्षा विभाग के अफसर

Kunal Gupta

9 साल का पत्रकारिता का अनुभव।प्रभात खबर में कार्यरत, साथ ही बिहार न्यूज tv, आज अख़बार, दैनिक भास्कर में कार्य का अनुभव।कंटेट राइटर, एडिटिंग का कार्य,पत्रकारिता की हर विधा को सीखने की लगन।

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