Patna

जिसकी जितनी संख्या,उसकी उतनी हिस्सेदारी हो:लालू,तेजस्वी ने बिहार की जनता को दी बधाई,देखे किस जाति की कितनी है भागीदारी

बिहार सरकार द्वारा करायी गई जाति आधारित गणना की रिपोर्ट सामने आने के बाद आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद ने सोशल मीडिया पर कहा कि आज गांधी जयंती पर इस ऐतिहासिक क्षण के हम सब साक्षी बने हैं। बीजेपी की अनेकों साजिशों, कानूनी अड़चनों और तमाम षड्यंत्र के बावजूद आज बिहार सरकार ने जाति आधारित सर्वे को रिलीज किया। केंद्र में 2024 में जब हमारी सरकार बनेगी तब पूरे देश में जातिगत जनगणना करवायेंगे। ​​​​

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वहीं बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने कहा कि मैं देश और बिहार की जनता को धन्यवाद और बधाई देना चाहता हूं। साथ उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद और मुख्यमंत्री को बधाई देना चाहते हैं। हम लोगों की शुरू से ही यह मांग रही है। सड़क से संसद तक हम लोगों ने संघर्ष किया था। उन्होंने कहा कि जातीय गणना जब बिहार में हुई है हम लोग चाहते हैं कि प्रधानमंत्री और भाजपा के लोग पूरे देश में करायें।

जिसकी जितनी संख्या उसकी उतनी भागीदोरी हो
लालू प्रसाद ने कहा कि सरकार को अब सुनिश्चित करना चाहिए कि जिसकी जितनी संख्या, उसकी उतनी हिस्सेदारी हो। हमारा शुरू से मानना रहा है कि राज्य के संसाधनों पर न्यायसंगत अधिकार सभी वर्गों का हो। केंद्र में 2024 में जब हमारी सरकार बनेगी तब पूरे देश में जातिगत जनगणना करवायेंगे और दलित, मुस्लिम, पिछड़ा और अति पिछड़ा विरोधी भाजपा को सत्ता से बेदखल करेंगे।

वहीं डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में हम लोगों ने जाति आधारित जनगणना कराया है और जो साइंटिफिक है। चुनाव में भी हम लोगों का ये अहम मुद्दा रहा है। कम समय में जानकारी इकट्ठा की गई और आज ऐतिहासिक दिन है। आप सब लोग जानते होंगे कितनी बार अड़चन खड़ा करने की की कोशिश की गई। भाजपा द्वारा और जब हम नेता विरोधी दल थे तब सदन में हमने प्रस्ताव रखा था। माननीय मुख्यमंत्री का बड़पन था कि पार्टियों की कमेटी बनाकर पीएम के सामने प्रस्ताव रखा था।

मीडिया से बात करते तेजस्वी यादव।
तेजस्वी यादव ने कहा कि किसकी कैसी आर्थिक स्थिति है, इसका भी पता चला है। लगभग 64 फीसदी पिछड़ी पिछड़ी जाति और दलित समाज के लोग मिलाकर हैं। अब आर्थिक न्याय की लड़ाई मजबूत की लड़ी जाएगी। गरीबी हर एक जातियों में है, उनके लिए विशेष योजना हम लोगों बनाएंगे। लोगों को लाभ पहुंचने का काम करेंगे। जातीय गणना जब बिहार में हुई है हम लोग चाहते हैं प्रधानमंत्री जी और भाजपा के लोग पूरे देश में करायें। आर्थिक गणना के बारे में तेजस्वी ने कहा कि धीरे-धीरे यह सब आंकड़ा सामने लाया जाएगा मुख्यमंत्री के साथ सभी दलों की बैठक होगी। मीडिया से बात करने के तुरंत बाद तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने हैं उनके आवास गये।

जगदानंद बोले- तेजस्वी की बात को टाला गया

जातिगत जनगणना के आंकड़े जारी होने के बाद राजद प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। वर्षों से इसकी मांग हो रही थी। 2014 के पार्लियामेंट में बहस के बाद भारत सरकार ने इसे माना था और आंकड़े भी इक्कठे कर लिए थे। संयोग से सरकार बदल गई। सरकार बदलने के बाद यह लंबित था। राष्ट्रीय पैमाने पर अगर यह जनगणना के आंकड़े आ गए होते जिसे वर्षों से राष्ट्रीय जनता दल समाजवादी आंदोलन करते रही है तो एक स्पष्ट यात्रा उसकी दिशा दशा के साथ इस पूरे राष्ट्र में विकास के कार्य को करने के लिए स्पष्ट तस्वीर रहती।

केंद्र सरकार ने कई बार तेजस्वी यादव की बात को टाला
उन्होंने कहा कि तेजस्वी ने इस विषय को उठाया। केंद्र सरकार से भी मिले। कई बार बहाना बना कर इसे टाला गया। कोर्ट भी चले गए। बिहार अच्छे माहौल में आगे बढ़े, सही दिशा में आगे बढ़े। जातीय जनगणना यह नजीर पेश करेगा। भारत और राज्य सरकार को क्लियर संदेश मिला है। इस बार का चुनाव में कह रहे हैं कि जातीय जनगणना कराएंगे। कैसे देश की आबादी को कैसे आगे बढ़ाया जाए। यह देखना होगा। महिला आरक्षण विवाद का विषय बन रहा है। महिलाएं पिछड़ी हैं, कुछ ऐसी भी है जो अत्यंत पिछड़ा है। किसी को रोकने की बात नहीं, इसमें समरूप लोगों को मौका मिलना चाहिए। इसे भी विवादित कर दिया गया। सकारात्मक बहस से ही कोई न कोई रास्ता निकलता है। बहस को सही दिशा दें। देश में सबको जीने, आगे बढ़ने का अधिकार मिले। यह कार्य पूरे देश के लिए नजीर साबित होगी।

मुकेश सहनी ने दिया सीएम को धन्यवाद

विकासशील इंसान पार्टी एक प्रमुख और पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने बिहार में सफलतापूर्वक जातिगत जनगणना के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को धन्यवाद दिया है। सहनी ने अपने फेसबुक वॉल पर पोस्ट करते हुए लिखा बिहार में सफलतापूर्वक जातिगत जनगणना के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बहुत बहुत धन्यवाद। बिहार विधानमंडल के 9 दलों के साथ हमारी पार्टी विकासशील इंसान पार्टी ने भी जातिगत जनगणना की समर्थन दिया था।

पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता देव ज्योति ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र सरकार को भी अब जल्द ही पूरे देश में जातीय जनगणना करानी चाहिए। बिहार सरकार की ओर से कराई गई जातीय आधारित गणना की रिपोर्ट सोमवार यानी आज जारी कर दी गई है।

जातीय गणना के आंकड़े जारी करने वाला बिहार पहला राज्य:36% अत्यंत पिछड़ा वर्ग, ओबीसी 27%; यादव 14%, ब्राह्मण-ठाकुर 3-3%, सबसे कम कायस्थ 0.60%

बिहार सरकार ने सोमवार को जातीय गणना के आंकड़े जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही बिहार जातीय गणना के आंकड़े जारी करने वाला पहला राज्य बन गया है। इसमें अत्यंत पिछड़ा वर्ग 36%, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) 27% हैं। सबसे ज्यादा 14.26% यादव हैं। ब्राह्मण 3.65%, राजपूत (ठाकुर) 3.45% हैं। सबसे कम संख्या 0.60% कायस्थों की है।

सीएम नीतीश कुमार ने सोमवार को जारी की गई जातीय गणना रिपोर्ट का विवरण साझा करने के लिए मंगलवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। उन्होंने राज्य की नौ पार्टियों से इस बैठक में हिस्सा लेने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि सरकार जातीय गणना और सर्वेक्षण की विस्तृत जानकारी देगी।

बिहार सरकार के प्रभारी मुख्य सचिव विवेक कुमार सिंह ने जातीय गणना पर एक किताब जारी की है। उन्होंने कहा कि बिहार की जनसंख्या 13 करोड़ 7 लाख 25 हजार 310 है। इसमें 2 करोड़ 83 लाख 44 हजार 160 परिवार हैं। अनुसूचित जाति 19.65%, अनुसूचित जनजाति 1.68% और सामान्य वर्ग 15.52% है।

बिहार की आबादी में करीब 82 फीसदी हिंदू और 17.7 फीसदी मुसलमान हैं। बिहार में 2011 से 2022 के बीच हिंदुओं की आबादी घटी है। 2011 की जनगणना के अनुसार हिंदू आबादी 82.7% और मुस्लिम आबादी 16.9% थी।

बिहार की आबादी में सबसे ज्यादा अत्यंत पिछड़ा वर्ग 36% है। उन्हें नौकरी में मौजूदा आरक्षण 18% दिया जा रहा है। 27% ओबीसी के लिए 12% आरक्षण दिया जा रहा है। मौजूदा समय में बिहार में ईबीसी और ओबीसी को मिलाकर 30% के रिजर्वेशन का प्रावधान है। इसमें 18% ईबीसी को और 12% ओबीसी को आरक्षण मिल रहा है। जबकि जाति आधारित गणना के मुताबिक इनकी संख्या बढ़कर 63% हो गई है।

13 करोड़ 7 लाख से ज्यादा है आबादी
अपर मुख्य सचिव विवेक सिंह ने कहा बिहार राज्य में हुई गणना के अनुसार प्रदेश की जनसंख्या में बिहार के बाहर में रहने वालों की संख्या 53 लाख 72 हजार 22 है। बिहार राज्य में रहने वालों की कुल जनसंख्या 12 करोड़ 53 लाख 53 हजार 288 है।

इसमें पुरुषों की कुल संख्या 6 करोड़ 41 लाख 31 हजार 990 है, जबकि महिलाओं की संख्या 6 करोड़ 11 लाख 38 हजार 460 है। अन्य की संख्या 82 हजार 836 पाई गई है। गणना के अनुसार 1000 पुरुषों पर 953 महिलाएं हैं।

हिंदुओं की आबादी घटी, मुस्लिमों की बढ़ी
बिहार में साल 2011-2022 के बीच हिंदूओं जनसंख्या कम हुई है। इस दौरान मुस्लिम जनसंख्या बढ़ी है। आज जारी किए गए जातीय गणना की रिपोर्ट के साथ राज्य में धार्मिक जनसंख्या भी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार बिहार में अभी हिंदू आबादी करीब 82% (81.99) और मुस्लिम आबादी 17.7% है। जबकि 2011 की जनगणना के अनुसार हिंदू आबादी 82.7% और मुस्लिम आबादी 16.9% थी।

अभी बिहार में हिंदुओं की जनसंख्या 10 करोड़ 71 लाख 92 हजार 958 है। वहीं मुस्लिम जनसंख्या 2 करोड़ 31 लाख 49 हजार 925 है। 2011 की जनगणना के अनुसार बिहार में हिंदू आबादी 8 करोड़ 60 लाख 78 हजार 686 थी। वहीं मुस्लिम आबादी 1 करोड़ 75 लाख 57 हजार 809 थी।

बिहार जातीय गणना 2022 के आंकड़े सरकार ने जारी किए।

दो फेज में पूरी हुई जाति आधारित गणना

पहला फेज: 7 जनवरी से गणना का पहला चरण शुरू हुआ था। इस चरण में मकानों की सूचीकरण, मकानों को गिना गया। यह चरण 21 जनवरी 2023 को पूरा कर लिया गया था।

दूसरा फेज: 15 अप्रैल से शुरू हुआ। इसे 15 मई को पूरा हो जाना था। लोगों से डेटा जुटाए गए। दूसरे चरण में परिवारों की संख्या, उनके रहन-सहन, आय आदि के आंकड़े जुटाए गए।

Kunal Gupta

9 साल का पत्रकारिता का अनुभव।प्रभात खबर में कार्यरत, साथ ही बिहार न्यूज tv, आज अख़बार, दैनिक भास्कर में कार्य का अनुभव।कंटेट राइटर, एडिटिंग का कार्य,पत्रकारिता की हर विधा को सीखने की लगन।

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