Patna

बचाव के लिए पांच साल तक वर्ष में एक बार फाइलेरिया रोधी दवाओं का सेवन जरूरी:एसीएमओ

बक्सर, 04 अक्टूबर | जिले में चल रहे फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत बुधवार को मंडल कारा में संचालित सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) अभियान की शुरुआत की गई। जिसके तहत जिले में स्थापित केंद्रीय कारा, ओपन जेल और महिला कारा में निरुद्ध सभी बंदियों को दवाओं का सेवन कराया जाएगा। ताकि, इन बंदियों को फाइलेरिया से सुरक्षित किया जा सके। इस दौरान केंद्रीय कारा के जेलर त्रिभुवन सिंह ने एमडीए की दवाओं का सेवन कर कार्यक्रम की शुरुआत की। मौके पर अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी सह डीएमओ डॉ. शैलेन्द्र कुमार, जेल चिकित्सक डॉ. अमलेन्द्र कुमार, वीबीडीएस राजीव कुमार और पिरामल स्वास्थ्य के डीपीओ प्रभात कुमार मौजूद रहे। डीएमओ डॉ. शैलेन्द्र कुमार ने बंदियों को फाइलेरिया और एमडीए के संबंध में बंदियों को विस्तृत जानकारी दी। ताकि, बंदियों को जागरूक और उन्हें दवाओं का सेवन करने के लिए प्रेरित किया जा सके। उन्होंने बताया कि फाइलेरिया रोधी दवाओं का साल में एक बार लगातार पांच वर्ष तक करने से लोगों के फाइलेरिया की चपेट में आने की संभावना पूरी तरह से खत्म हो जाती है। इसलिए अनिवार्य रूप से सभी अभियान में शामिल हो और दवाओं का सेवन करें।

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मच्छरों से बचाव बेहद जरूरी :
वीबीडीसी राजीव कुमार ने बंदियों को बताया कि फाइलेरिया एक ऐसी बीमारी है जो मच्छरों से फैलती है। जेल परिसर में और आस-पास जल जमाव वाले क्षेत्र व गंदे स्थानों पर पनपने वाले कई मच्छर कई गंभीर रोग के कारक होते हैं। इसलिये हमें आवासीय स्थान को स्वच्छ बनाये रखने का प्रयास करना चाहिये। आप सभी अपने परिवार के लोगों को भी इसके लिए जागरूक करें। जिससे उन्हें भी गंभीर बीमारियों की चपेट में आने से बचा सकें। साथ ही, सभी को मच्छरों से बचाव करते हुए मच्छरदानी में सोना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वस्थ समाज के लिए फाइलेरिया उन्मूलन आवश्यक है। समय पर इलाज नहीं होने से यह बीमारी मरीज को दिव्यांग बना सकती है। हम या हमारे परिजन इसकी चपेट में न आए इसलिए दवाओं का सेवन भी जरूरी है।

 

 

फाइलेरिया की वजह से होने वाले हाथी पांव का कोई इलाज नहीं
बीसीएम प्रिंस कुमार ने कार्यक्रम के दौरान कैदियों को फाइलेरिया रोग के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया गया। साथ ही, रोग के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि फाइलेरिया एक गंभीर कष्टकारी रोग है। फाइलेरिया की वजह से हाथी पांव होने की स्थिति में इसका कोई इलाज नहीं है। संक्रमण के खतरों से बचाव के लिये सरकार द्वारा हर साल सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम संचालित किया जाता है। इस साल 20 सितंबर से जिले में इस कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि छह अक्टूबर के बाद छूटे हुए लाभुकों को फाइलेरिया की दवाइयां खिलाई जाएंगी। ताकि, कोई भी इस अभियान का लाभ लेने से न चुके।

Kunal Gupta

9 साल का पत्रकारिता का अनुभव।प्रभात खबर में कार्यरत, साथ ही बिहार न्यूज tv, आज अख़बार, दैनिक भास्कर में कार्य का अनुभव।कंटेट राइटर, एडिटिंग का कार्य,पत्रकारिता की हर विधा को सीखने की लगन।

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