“रोसड़ा के उपमुख्य पार्षद पति हत्याकांड का खुलासा:नप चुनाव बना हत्या का कारण,5 लाख की सुपारी देकर कराई गई हत्या,तीन गिरफ्तार
रोसड़ा के उपमुख्य पार्षद पति अरुण महतो हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा किया है। अरुण की हत्या नगर परिषद चुनाव में एक गुट ने अरुण को धोखेबाज बताते हुए पांच लाख रुपए की सुपारी देकर कराई। इस मामले में पुलिस ने तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार बदमाश की पहचान रोसड़ा थाने के कटहरबन्नी के शशिधर झा के पुत्र राजा झा उर्फ साकेत कुमार,पंजियार टोला के विष्णुदेव मंडल के पुत्र राजेश कुमार मंडल उर्फ खन्ना व मिठनपुरा मुजफ्फरपुर देवेंद्र सहनी के पुत्र विक्की कुमार के रूप में की गई है। जिसके पास एक देसी पिस्टल, दो कारतूस, घटना में प्रयुक्त मोबाइल, विक्की का घटना के दौरान पहना गया शर्ट और जूता भी बरामद की गई है।
नगर परिषद चुनाव बना हत्या का कारण
एसपी विनय तिवारी ने रोसड़ा में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बताया कि विगत नगर परिषद् चुनाव में अभियुक्त राजा झा उर्फ साकेत कुमार, चेयरमैन पद पर तथा मृतक अरूण कुमार उर्फ अरुण महतोवाईस चेयरमैन पद पर चुनाव लड़े थे। दोनों के बीच आपसी समझौता हुआ था कि आप मुझे वाईस चेयरमैन पद के लिए सपोर्ट कर दीजिए मैं आपको चेयरमैन पद पर सपोर्ट कर दूंगा और दोनो चुनाव जीत जाएंगे। समाझौता के तहत राजा झा उर्फ साकेत झा ने अरुण महतों को पांच लाख रूपया चुनाव लड़ने के लिए दिया, लेकिन चुनाव से दो-तीन दिन पहले मृतक अरुण महतो द्वारा राजा झा को सपोर्ट न कर वर्तमान चेयरमैन श्यामबाबू को सपोर्ट कर दिया गया जिस कारण राजा झा उर्फ साकेत कुमार 1300 (तेरह सौ) वोट से चुनाव हार गया। चुनाव हारने की रंजिश में राजा झा अरुण महतो की हत्या करने की योजना बनाई ।
मुजफ्फरपुर जेल में बंद सुभाष से साधा संपर्क, पांच लाख की दी सुपारी
एसपी ने बताया कि राजा झा पूर्व में एक हत्या के मामले में मुजफ्फरपुर जेल में बंद था जहां उसकी जान-पहचान सुभाष झा से हुई । मुजफ्फरपुर जेल से जमानत पर छूटने के बाद राजा झा वापस रोसड़ा आ कर जमीन का कारोबार करने लगा। इसी बीच अपराधकर्मी सुभाष झा इसी वर्ष अप्रैल माह में राजा झा के घर पर आया। सुभाष झा ने राजा झा को कहां की मुझे कोई बहुत बड़ा सा काम चाहिए। राजा झा पूर्व से चुनावी रंजिश के अरूण महतो की हत्या करवाने की फिराक में था। राजा झा ने अरुण महतो की हत्या करने की सुपारी पांच लाख में सुभाष झा को दे दी। सुभाष झा को अग्रिम के राशि के रूप में तीन लाख रूपया राजा झा ने दे दिया। एवं दो लाख रुपए घटना के बाद सुभाष झा को दरभंगा के दिल्ली मोड़ पर पहुंचाया।
सुभाष ने दो अन्य साथी के साथ बनाई पूरी योजना
एसपी ने बताया कि सुभाष झा राजा झा के कहने पर अपने दो साथियों मो अवरार (गरौल थाना क्षेत्र) विक्की कुमार, मिठनपुरा से सम्पर्क कर घटना की योजना बनायी । 05 सितंबर को को मो. अवरार अपने साथी विक्की के साथ मुजफ्फरपुर से अपने लाल और काले ग्लैमर बाइक से दलसिंहसराय पहुंचा, जहां मुख्य शूटर सुभाष झा के साथ रात्रि दलसिंहसराय में ही रूका फिर 06 सितंबर को को तीनों शूटर एक ही बाइक से दलसिंहसराय से रोसड़ा पहुंचा। रोसड़ा बाजार पहुंचने पर सुभाष झा ने हमदोनों को एक चाय की दूकान पे बैठा कर रहने के लिए कमरा खोजने के लिए चला गया । चूकिं सुभाष झा पूर्व से कई बार रोसड़ा आता जाता था इसलिए उसको पूरे इलाके की जानकारी थी। सुभाष झा ने 1500 रुपये में एक लॉज में कमरा बुक कराया और हमदोनों के साथ वहीं रुका। मुख्य साजिशकर्ता राजा झा के कहने पर राजा झा का एक अन्य साथी अमन कुमार उर्फ छोटू एवं राजेश मंडल दोनों एक बैग में घटना करने के लिए हथियार लेकर सुभाष झा के बताये गये जगह पर पहुंचा और सुभाष झा को हथियार मुहैया कराया।
सात सितंबर को दिया घटना को अंजाम
07 सितंबर को तीनों मोटर बाइक से पहले सुबह में स्टेडियम पहुंचे उसके बाद गांधी चौक के पास स्थित एक नास्ते की दुकान पर जा कर रूकें और मृतक अरुण महतो के आने-जाने की गतिविधि की संबंध में सूचना का इंतजार करने लगे। फोन आने पर हम तीनों हथियार लेकर अरुण महतो के घर के पास पहुंचे मृतक अरुण महतो पैदल ही सड़क से गुजर रहे थे। तभी सुभाष झा ने अरूण महतो पर गोली चला दी और हम तीनों भाग गए। मो. अवरार हेलमेट पहने हुए बाइक चला रहा था जबकि मैं बीच में बैठा हुआ था और सुभाष झा मोटर साईकिल के पीछे बैठा हुआ था। हम तीनों घटना करने के बाद दलसिंहसराय की ओर भाग निकले। मैने अपना पिस्तौल रहुआ पेट्रोल पम्प के पास झाड़ी में फेंक दिया तथा बाकी हथियार सुभाष झा अपने साथ ले गया।