Patna

“केके पाठक का नया फरमान- 220 दिन से कम पढ़ाई तो रद्द होंगी स्कूल की छुट्टियां… 

बिहार के सरकारी स्कूलों में छुट्टी को लेकर शिक्षा विभाग में मचा घमासान अभी खत्म नहीं हुआ है। इधर शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर और नीतीश कुमार की मौजूदगी में राज्यपाल आरवी अर्लेकर की तल्ख टिप्पणी के बाद भी अपर मुख्य सचिव केके पाठक के तेवर काम नहीं हो रहे हैं। पाठक ने छुट्टियों को लेकर फिर से नया फैसला किया है। केके पाठक ने फरमान जारी किया है कि अगर जरूरत पड़ी तो घोषित और आकस्मिक अवकाश कभी भी रद्द किए जा सकते हैं। अपर मुख्य सचिव की इस नई घोषणा से सियासत भी तेज हो गई है।

Dss WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
bihar whatsapp Channel Join Now

शिक्षा विभाग की ओर से यह फरमान जारी किया गया है कि राइट टू एजुकेशन के नॉर्म्स का पालन किया जाएगा। साल में 220 दिन की पढ़ाई हर हाल में सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए जरूरत पड़ने पर अवकाश में कटौती की जा सकती है। केके पाठक का मानना है कि शिक्षा विभाग में घोषित अवकाश सबसे बड़ी समस्या है। मौसम और अन्य कारणों को लेकर स्कूल बंद किया जा रहे हैं। स्कूलों में शीतलहर, अत्यधिक गर्मी, श्रावणी मेला और परीक्षा जैसे कारणों से पढ़ाई बाधित हो रही है। ऐसे में आकस्मिक अवकाश रद्द कर बच्चों की पढ़ाई पूरी कराई जाएगी।

 

 

इससे पहले भी शिक्षा विभाग में त्योहारों के मौके पर दी जाने वाली छुट्टियों में कटौती का पत्र जारी किया गया था जिसे लेकर काफी बवाल मचा। राज्य में काफी राजनीति भी हुई क्योंकि जन्माष्टमी, दुर्गा पूजा, महिलाओं के त्यौहार तीज और जिउतिया जैसे पर्वों पर भी छुट्टी खत्म कर दी गई। हो हल्ला के बाद शिक्षा विभाग की ओर से उसे आदेश को वापस ले लिया गया।

 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक बार फिर शिक्षा विभाग ने नया पत्र जारी किया है जिसमें साफ-साफ कहा गया है कि शैक्षणिक कैलेंडर वर्ष में कम से कम 220 दिन शैक्षणिक कार्य सुनिश्चित किया जाएगा। पत्र में यह भी बताया गया है कि 1 अप्रैल 2023 से 31 जनवरी 2024 तक घोषित और अघोषित अवकाश के बाद कितने दिन स्कूल खुलने की संभावना बचती है।

 

मंगलवार को शिक्षा मंत्री प्रोफेसर चंद्रशेखर ने शिक्षक दिवस के कार्यक्रम में केके पाठक पर निशाना साधा और कहा कि पठन-पाठन में सुधार के नाम पर शिक्षकों को परेशान करना ठीक नहीं है। महामहिम राज्यपाल ने भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सामने अपर मुख्य सचिव की कार्य शैली पर सवाल उठाए। उसके बावजूद केके पाठक के तेवर नाम नहीं पड़ रहे हैं।

Kunal Gupta

9 साल का पत्रकारिता का अनुभव।प्रभात खबर में कार्यरत, साथ ही बिहार न्यूज tv, आज अख़बार, दैनिक भास्कर में कार्य का अनुभव।कंटेट राइटर, एडिटिंग का कार्य,पत्रकारिता की हर विधा को सीखने की लगन।

error: Content is protected !!