शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रो पर बढ़ रही मरीजों की भीड़,2022-23 में पहुँचे अधिक मरीज
सासाराम/ 02 अगस्त। लोगों को सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उनके घर से नजदीक उपलब्ध हो इसके लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। प्रखंडों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों में शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कर लोगों को स्वास्थ्य लाभ पहुंचाया जा रहा है। साथ ही जिला अस्पताल में भीड़ कम हो इसके लिए भी शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को विकसित किया जा रहा है, ताकि छोटी-छोटी बीमारियों या मौसमी बीमारियों के साथ-साथ पैथोलॉजिकल जांच उक्त शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर ही मौजूद हो इसके लिए भी सरकार लगातार प्रयासरत है। रोहतास जिला मुख्यालय सासाराम में 3 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाए गए हैं, जिसमें शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बौलिया, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तकिया एवं शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सागर मौजूद है। जबकि डिहरी में दो शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मौजूद है जिसमें शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य डालमियानगर मकराईन एवं शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ईदगाह मोहल्ला शामिल है।
यूपीएचसी में बढ़ रही है मरीजों की संख्या
लोगों को अपने घर तक सरकारी स्वास्थ्य सेवा मिले सरकार की सोच रंग ला रही है और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण का मकसद भी पूर्ण होता दिखाई दे रहा है। जिला स्वास्थ्य समिति से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2021- 22 की तुलना में वर्ष 2022- 23 में शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज के लिए काफी संख्या में लोग पहुंचे और लाभान्वित हुए। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2021-22 में जहां जिले के सभी शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 38686 ओपीडी संचालित किया गया वहीं 2022- 23 में 59827 ओपीडी किया गया। वर्ष 21-22 में डायबिटीज मरीजों की संख्या 1120 रही वहीं वर्ष 22-23 में यह बढ़कर 5665 हो गई। वर्ष 21- 22 में हाइपरटेंशन मरीजों की संख्या 1070 रही तो वर्ष 22-23 में यह संख्या बढ़कर 6432 हो गई। वही पैथोलॉजिकल जांच की बात करें तो वर्ष 2021-22 में जहां 7070 लोगों का जांच किया गया तो वही वर्ष 2022- 23-में 7822 लोगों की जांच की गई। वर्ष 2021-22 में एएनसी रजिस्ट्रेशन की संख्या 1715 रहा वही 22-23 में यह बढ़कर 7680 पहुंच गया। 4 एएनसी रेजिस्ट्रेशन में वर्ष 2021-22 में 434 रहा जो 22-23 में बढ़कर 4305 हो गया। अस्थाई परिवार नियोजन के संसाधनों में उपयोग किया जाने वाला अंतरा का प्रथम एवं दूसरा डोज वर्ष 2021-22 में 71-166 रहा जबकि वर्ष 22- 23 में 362- 634 महिलाओं ने अंतरा का प्रथम एवं दूसरा डोज का इस्तेमाल किया। वही बच्चों को विभिन्न जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए दी जाने वाली टीका में भी शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ने बेहतर प्रदर्शन किया। वर्ष 2021-22 में जहां 852 बच्चों को पूर्ण प्रतिरक्षित किया गया वही वर्ष 22-23 में 5701 बच्चों को पूर्ण प्रतिरक्षित किया गया।
यूपीएचसी को बेहतर करने का प्रयास
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के स्वास्थ्य सलाहकार तारिक अनवर ने बताया कि शहरी क्षेत्र में मौजूद शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को लगातार बेहतर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिले में पांच शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मौजूद है जिसमें तीन सासाराम और 2 डिहरी में मौजूद है। उन्होंने बताया कि सभी शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्वास्थ्य व्यवस्था सुदृढ़ की जा रही है। उन्होंने बताया कि पहले की अपेक्षा सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर लोगों की भीड़ देखी जा रही है और लोग लाभान्वित हो रहे हैं।
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से लोगों को मिल रहा लाभ
रोहतास सिविल सर्जन डॉक्टर के एन तिवारी ने बताया कि जिला मुख्यालय में सदर अस्पताल के साथ-साथ शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी लोगों को स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर विभिन्न प्रकार के रोगों का इलाज एवं जांच होने से अनुमंडल एवं सदर अस्पताल में भीड़ कम हुई है। सिविल सर्जन ने बताया कि शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का मुख्य मकसद यही है कि लोगों को तुरंत स्वास्थ्य सुविधा प्राप्त हो। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सभी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो इसका भी प्रयास किया जा रहा है।
9 साल का पत्रकारिता का अनुभव।प्रभात खबर में कार्यरत, साथ ही बिहार न्यूज tv, आज अख़बार, दैनिक भास्कर में कार्य का अनुभव।कंटेट राइटर, एडिटिंग का कार्य,पत्रकारिता की हर विधा को सीखने की लगन।
