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घोटाला;पोस्ट ऑफिस में पहले बंद खाते को एक्टिवेट कराया फिर कर ली ढाई करोड़ की निकासी

घोटाला।बेगूसराय पोस्टल विभाग घोटाले का केंद्र बनता जा रहा है। अभी एक घोटाले की सीबीआई जांच पूरी भी नहीं हुई है कि फिर एक घोटाला सामने आ गया है। अब नया मामला बरौनी रिफाइनरी टाउनशिप उपडाकघर का है जहां तीन-चार डाककर्मियों ने मिलकर पहले बंद खाता को एक्टिवेट कराया फिर उक्त नाम वाले एकाउंट में रुपया ट्रांसफर कर उसकी निकासी कर ली।

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हालांकि मामले का पता चलते ही प्रधान डाकघर और उलाव उप डाकघर के तीन कर्मी सस्पेंड हो गए हैं। गबन की राशि कई करोड़ में भी हो सकती है कुल कितनी की गड़बड़ी हुई है इसकी जांच जारी है। सस्पेंड होने वाले में प्रधान डाकघर के डाक सहायक सूरज कुमार, लेखापाल अशोक कुमार व उलाव के उप डाकपाल नवीन कुमार शामिल हैं। बताया जा रहा है कि करीब 10 से 12 दिन पहले पटना से आई विजिलेंस की टीम ने सघन जांच में इन तीनों कर्मियों को प्रथम दृष्टया आरोपी पाते हुए ससपेंड करने के लिए डाक अधीक्षक को कहा गया । इसके बाद सस्पेंशन की प्रकिया हुई है। हालांकि इस संबंध में बेगूसराय प्रमंडल के डाक अधीक्षक से उनका पक्ष जानने के लिए जब संपर्क करने की कोशिश की गई तो संपर्क नहीं हो पाया ।

तीन डाकघरों का विजिलेंस की टीम ने जांच किया था विजिलेंस की टीम को रिफाइनरी टाउनशिप उप डाकघर में हुए इस गवन मामले की शिकायत मिली थी। हालांकि अब तक शिकायतकर्ता सामने नहीं आया है और विजिलेंस की टीम ने जब शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच की कार्रवाई शुरू की तो प्रथम दृष्टया राशि गबन का मामला सामने आया है। जिसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए इसके लिए जांच टीम का गठन किया गया। जिसमें इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी सहित अन्य अधिकारी को शामिल किया गया है। जो प्रतिदिन जांच कर जांच प्रतिवेदन पटना भेज रहे हैं। करीब 10 दिन पहले जब विजिलेंस की टीम बेगूसराय आई थी तो सबसे पहले रिफाइनरी टाउनशिप उप डाकघर उसके बाद उलाव डाकघर और फिर प्रधान डाकघर पहुंचकर टीम ने जांच पड़ताल किया था।

ऐसे हुआ राशि का गबन डाकघर में आम उपभोक्ताओं ने अकाउंट खुलवाया वह ऐसा अकाउंट होता था, जिसमें तय समय पर पैसे जमा कर मैच्योरिटी पूरा होने पर अपना ब्याज सहित पैसा उपभोक्ता वापस लेते थे। ऐसे ही अकाउंट में जिस अकाउंट का मैच्योरिटी होने पर उपभोक्ता अपना पैसा ले लेते थे। ऐसे ही अकाउंट को घोटालेबाज एक्टिवेट कर उससे वांछित राशि की निकासी कर लिया करते थे।

बताया जा रहा है ऐसे करीब 25 से 30 साइलेंट अकाउंट थे जिसके माध्यम से घोटालेबाज डाककर्मियों ने रुपए की निकासी की है। इन एकाउंट को सत्यापित करने की जिम्मेवारी असिस्टेंट पोस्ट मास्टर अशोक राय रिफाइनरी टाउनशिप डाकघर, सूरज कुमार पोस्टल असिस्टेंट और नवीन कुमार अकाउंट थी। आरोप है कि इन तीनों के बीच आपसी सांठ – गांठ से अवैध निकासी का खेल खेला गया है।

Kunal Gupta

9 साल का पत्रकारिता का अनुभव।प्रभात खबर में कार्यरत, साथ ही बिहार न्यूज tv, आज अख़बार, दैनिक भास्कर में कार्य का अनुभव।कंटेट राइटर, एडिटिंग का कार्य,पत्रकारिता की हर विधा को सीखने की लगन।

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