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दंत मंजन में नॉनवेज मिलाने का आरोप,पतंजलि को मिला लीगल नोटिस,शिकायत में कहा-मछली से बनाया दंत मंजन

दंत मंजन .आयुर्वेद और प्राकृतिक औषधियों से उत्‍पाद बनाने का दावा करने वाली कंपनी पतंजलि (Patanjali) पर बड़ा आरोप लगा है. इसे लेकर कंपनी को लीगल नोटिस भी भेजा गया है. शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि कंपनी के टूथपेस्‍ट दिव्‍य दंत मंजन (Divya Dant Manjan) में नॉनवेज चीजों का इस्‍तेमाल किया गया है. कंपनी इस पर ग्रीन लेबल लगाती है, जिसका मतलब है कि यह उत्‍पाद पूरी तरह वेजिटेरियन है.

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लॉयर शाशा जैन ने पतंजलि को लीगल नोटिस भेजकर उस पर अपने वेजिटेरियन प्रोडक्‍ट में नॉनवेज का इस्‍तेमाल करने का आरोप लगाया है. टि्वटर पर अपनी चिंताओं को जाहिर करते हुए शाशा ने लिखा है कि कंपनी अपने प्रोडक्‍ट में वेजिटेरियन चीजें इस्‍तेमाल करने का दावा करती है, लेकिन उसके दिव्‍य दंत मंजन में समुद्र फेन (कटलफिश) का इस्‍तेमाल किया गया है. उन्‍होंने कंपनी से कानूनी नोटिस के जरिये स्‍पष्‍टीकरण भी मांगा है.

 

 

 

 

 

 

 

 

 

टि्वटर पर किया पोस्‍ट, भड़क उठे यूजर

 

शाशा जैन ने अपने आरोपों और लीगल नोटिस को ट्विटर पर भी पोस्‍ट किया है. उन्‍होंने लिखा- पतंजलि को लीगल नोटिस भेजा है और अपने उत्‍पाद दिव्‍य दंत मंजन में समुद्र फेन का इस्‍तेमाल किए जाने पर जवाब मांगा है, जबकि इस प्रोडक्‍ट पर कंपनी ग्रीन लेबल लगाकर बेचती है. यह उपभोक्‍ताओं के अधिकारों का हनन है. साथ ही यह पतंजलि प्रोडक्‍ट का इस्‍तेमाल करने वाले बड़ी संख्‍या में शाकाहारी उपभोक्‍ताओं की भावनाओं से भी खिलवाड़ है. उन्‍होंने लीगल नोटिस की कॉपी भी शेयर की है.

 

 

 

जैन ने लिखा कि जब कंपनी अपने इस प्रोडक्‍ट को वेजिटेरियन प्रोडक्‍ट बताकर इसकी मार्केटिंग करती है तो इसमें नॉनवेज चीजों का इस्‍तेमाल करना उपभोक्‍ताओं के अधिकारों का हनन है. साथ ही प्रोडक्‍ट लेबलिंग कानून का भी उल्‍लंघन है. उन्‍होंने लिखा कि मेरे परिवार, रिश्‍तेदार, कलीग और दोस्‍त सभी इस प्रोडक्‍ट का इस्‍तेमाल करते हैं और यह उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कदम है.

 

 

 

 

कंपनी पर लगाए गंभीर आरोप

 

लॉयर ने लिखा कि मैं खुद पतंजलि के कई उत्‍पादों का इस्‍तेमाल करती हूं. लेकिन, अब आपकी तरफ से स्‍पष्‍टीकरण आने तक इन उत्‍पादों को लेकर सशंकित हो गई हूं. 11 मई को भेजे इस नोटिस में कंपनी से 15 दिन के भीतर जवाब देने को कहा गया है. अगर कंपनी ने इस पर स्‍पष्‍टीकरण नहीं दिया तो उसके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी. एडवोकेट की तरफ से टि्वटर पर अपलोड कंपनी के प्रोडक्‍ट में साफ लिखा है कि उसमें समुद्र फेन (Sepia Officinalis) का इस्‍तेमाल किया गया है.

 

 

 

 

आखिर क्‍या है समुद्र फेन

 

समुद्र में पाई जाने वाली कटल फिश जब मर जाती है तो उसकी हड्डियां पानी में घुलकर सतह पर तैरने लगती हैं. यह एक तरह से एनीमल प्रोडक्‍ट है. जब ज्‍यादा कटल फिश की हड्डियां सतह पर आ जाती हैं तो दूर से देखने में यह झाग या फेना की तरह दिखती हैं. इसी कारण इसे समुद्र फेन कहते हैं. कई बार यह बहकर किनारे पर भी आ जाते हैं. मछुआरे इस फेन को इकट्ठा कर लेते हैं और उसे सुखाकर बेचते हैं. इसका इस्‍तेमाल पेंटिंग, स्‍कल्‍पचर और मेडिसिन में किया जाता है.

Kunal Gupta

9 साल का पत्रकारिता का अनुभव।प्रभात खबर में कार्यरत, साथ ही बिहार न्यूज tv, आज अख़बार, दैनिक भास्कर में कार्य का अनुभव।कंटेट राइटर, एडिटिंग का कार्य,पत्रकारिता की हर विधा को सीखने की लगन।

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