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गंगटोक में ड्यूटी में तैनात मोतिहारी के जवान का पहाड़ से फिसला पैर,अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़

 

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मोतिहारी: जिले के आदापुर प्रखंड क्षेत्र के बड़हरवा-बिशुनपुरवा गांव के सेना के जवान मिथिलेश कुमार की गंगटोक में ड्यूटी के दौरान मौत हो गई. वह सिक्किम के गंगटोक में पदस्थापित थे. शनिवार की रात डेढ़ बजे के करीब ड्यूटी के दौरान चांगो झील के बर्फ की पहाड़ी पर पैर फिसलने से वह शहीद हो गए. उनकी शहादत की सूचना मिलने के बाद से ही गांव में मातम है. वह अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे. साल 2019 में सेना में भर्ती ली थी.

पिता ने बड़े दुख से पढ़ाया और पाला

 

गांव में उनके परिवार को रविवार की सुबह मौत की सूचना मिली. गांव में उनकी मौत की सूचना मिलते ही कोहराम मच गया. गांव में उनके शव के आते ही लोगों की आंखों से आंसू गिरने लगे. मिथिलेश के पिता रामायण प्रसाद यादव शुरू से ही मजदूरी का काम करते थे. उन्होंने अपने गांव के चिमनी भट्ठा पर ईंट बनाकर अपने इकलौते पुत्र को पढ़ाकर देश की रक्षा के लिए तैयार किया था. उनके पिता की आंखों में आंसू की धार बह रहे है. कहा कि बेटे ने अपनी मेहनत और लगन से हमारे सपने को पूरा किया. देश सेवा के जज्बे से प्रेरित होकर वर्ष 2019 में वह सेना में भर्ती हुआ था.

अप्रैल में होनी थी जवान की शादी

शहीद जवान सिक्किम (गंगटोक) के चांगो झील पर जीडी आर्टिलरी 54वीं मध्य रेजीमेंट में अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहे थे. बेटे की मौत के सदमे से मां निर्मला देवी और बहन सीमा कुमारी (18) बार बार बेहोश हो जा रही हैं. परिजन ने बताया कि सेना के जवान मिथिलेश की मौत का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया जा रहा है. अधिकारियों ने बस इतनी ही सूचना दी है कि ड्यूटी के दौरान पैर फिसलने के बाद वह पहाड़ से नीचे गिरे हैं. शहीद जवान के पिता रामायण यादव बताते है कि बेटे मिथलेश की अभी शादी भी नहीं हुई थी. उनकी शादी अप्रैल महीने में होने वाली थी.

Kunal Gupta

9 साल का पत्रकारिता का अनुभव।प्रभात खबर में कार्यरत, साथ ही बिहार न्यूज tv, आज अख़बार, दैनिक भास्कर में कार्य का अनुभव।कंटेट राइटर, एडिटिंग का कार्य,पत्रकारिता की हर विधा को सीखने की लगन।

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