Vaishali

बागेश्वर सरकार का ‘चमत्कार’ सुन बिहार से पहुंचा युवक, दरबार में दर्शन के बाद लापता

 

Dss WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
bihar whatsapp Channel Join Now

दरभंगा: बागेश्वर धाम (Bageshwar Dham) की महिमा सुनकर देश ही नहीं विदेश में रहने वाले भक्तों का भी दरबार पहुंचने का सिलसिला जारी है. इसी महिमा को सुनकर बिहार के दरभंगा जिले के बहेड़ी प्रखंड के बघौनी गांव का रहने वाला ललन कुमार खुद को रोक नहीं सका. दरभंगा से सैकड़ों किलोमीटर दूरी का सफर तय कर वह बागेश्वर धाम पहुंचा. दर्शन भी किया और फिर अचानक लापता हो गए. अब उसे खोजा जा रहा है लेकिन कहीं अता-पता नहीं है.

चार फरवरी को दरभंगा से बागेश्वर धाम के लिए ललन रवाना हुआ था. छह फरवरी की सुबह पांच बजे के आसपास ललन ने अपने घर वालों से बात की और बताया कि वो धाम पर दर्शन कर चुका है. अब बाद में बात करेगा. इसके बाद उसका फोन लगातार स्विच ऑफ आने लगा. लापता ललन की पत्नी सविता देवी ने कहा कि अपने स्तर से पता लगाने का प्रयास किया गया लेकिन कुछ मालूम नहीं चला. इसको लेकर बहेड़ी थाने में आवेदन दिया था.

 

 

सविता ने कहा कि बताए गए पते पर दो लोग ढूंढने के लिए निकले लेकिन ललन का पता नहीं चला. अचानक किसी व्यक्ति ने फोन कर बताया कि वो वर्धा रेलवे स्टेशन के पास अस्पताल में हैं. अस्पताल पहुंचे लेकिन वहां ललन नहीं थे. वहां के विधायक ने बताया कि वो उनके पास भी आया था. कह रहा था बिहार भिजवा दीजिए. उन्होंने पुलिस को सूचना दी. पुलिस उसे कहां ले गई इसका पता नहीं.

एसपी ने क्या कहा?

इस मामले में नगर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि ललन के परिजन आए थे. इस संदर्भ में उन्होंने एसडीपीओ और थाने से बात की है. महिला से जानकारी मिली है कि ललन चार फरवरी को पवन एक्सप्रेस से बागेश्वर धाम घूमने गया था. छह फरवरी को आखिरी बात हुई है. इस संबंध में छतरपुर जिले के अमेठी थाने में सनहा के रूप में मिसिंग रिपोर्ट दर्ज हुई है. वहां के वरीय पदाधिकारी से संपर्क में हैं. हम लोगों को जितनी जानकारी है उनसे साझा कर रहे हैं.

आरसीपी सिंह ने सरकार पर साधा निशाना

ललन पेशे से शिक्षक है. जिले के भरवाड़ा 10+2 स्कूल में पढ़ाता है. दो बच्चे भी हैं. वहीं, क्षेत्र भ्रमण के क्रम में दरभंगा पहुंचे पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह ने कहा कि बिहार का हमारा बच्चा गायब है. क्या बिहार सरकार को जिम्मेदारी नहीं लेनी चाहिए? जब मैं उनके साथ रहता था तो अक्सर कहा करते थे कि, हम पाताल से ढूंढ निकालेंगे. अब तो यहां सरकार है ही नहीं. जब सड़क पर पुलिस को गोली मार दी जा रही है तो बताइए क्या सरकार है?

Kunal Gupta

9 साल का पत्रकारिता का अनुभव।प्रभात खबर में कार्यरत, साथ ही बिहार न्यूज tv, आज अख़बार, दैनिक भास्कर में कार्य का अनुभव।कंटेट राइटर, एडिटिंग का कार्य,पत्रकारिता की हर विधा को सीखने की लगन।

error: Content is protected !!