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गया में नीरा से तैयार किये जा रहे पेड़े, लड्डू, लाई और तिलकुट, खुद सीएम नीतीश हैं इनके दीवाने, खाना है तो यहां पहुंचें 

 

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गया. आमतौर पर ईंख से तैयार चीनी और गुड़ से मिठाई बनते आपने देखा होगा, लेकिन बिहार के गया में अब ताड़ और खजूर के रस नीरा से मिठाई तैयार किए जा रहे हैं. नीरा से तैयार मिठाई अब लोगों की पहली पसंद बनती जा रही है. गया एक अंतरराष्ट्रीय जगह होने के कारण भारत के नहीं बल्कि विदेशों के लोग भी इसे खूब पसंद करते हैं और इससे खरीदते भी हैं. नीरा से तैयार लड्डू, पेड़ा, लाई और तिलकुट इन दिनों लोगों को खूब भा रहा है.

बिहार सरकार नीरा को दे रही है बढ़ावा

बिहार सरकार नीरा को बढ़ावा दे रही है. इसके लिए लोगों को प्रशिक्षण दिया गया है. गया में भी लोग इससे जुड़कर प्रशिक्षण लिया है और नीरा तैयार कर रहे हैं. 30-40 रुपए लीटर नीरा की बिक्री होती है. दर्जनों लोग इससे जुड़े हुए है. जीविका समूह के द्वारा भी महिलाओं तथा पासी समाज के लोगों को नीरा तैयार करने तथा इससे गुड़ और चीनी तैयार करने का प्रशिक्षण दिया गया है. प्रशिक्षण लेने के बाद कई लोग शुरुआती दिनों में गुड़ तैयार करते थे, लेकिन इससे तैयार गुड़ मंहगा होने के कारण इसकी बिक्री नहीं हो पाती थी. तब डब्लू ने सोचा क्यों ना इस गुड़ से मिठाई बनायी जाए. इन्होंने मिठाई बनाने का काम शुरु किया. बिहार सरकार के द्वारा इन्हें एक स्टाॅल उपलब्ध कराया गया. बोधगया महाबोधि मंदिर के सामने इनका स्टाॅल लगा हुआ है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद इस स्टाॅल का उद्घाटन किए थे. यहां देश-विदेश से आने वाले लोग स्टॉल को देखते हैं और जानकारी लेने के बाद मिठाई खरीदते हैं और नीरा पीते हैं.

600 रुपए किलो पेड़ा, लाई और 400 रुपए किलो है लड्डू

गया में नीरा से तैयार हो रहे मिठाई के दीवाने खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी हैं. उन्होंने कुछ महीने पहले गया के इसी दुकानदार से लड्डू, लाई और पेड़ा मंगवाया था. इसका स्वाद चखा था. अन्य मिठाई की तुलना में इसका स्वाद अलग होने का कारण इसकी मांग खूब है. 10 लीटर नीरा के साथ डब्लू ने अपना स्टॉल का शुरुआत किया था, लेकिन आज इस स्टॉल पर रोजाना 100 लीटर के करीब नीरा की बिक्री हो जाती है. इसके अलावा स्टॉल पर 360 किलो तिलकुट, 600 रुपए किलो पेड़ा, लाई और 400 रुपए किलो लड्डू की बिक्री हो जाती है.

जानिए इसके फायदे

बोधगया प्रखंड के इलरा गांव के डब्लू कुमार और इनका परिवार नीरा से मिठाई बनाने में जुटे हुए हैं. यह जिले के एकमात्र व्यक्ति है जो नीरा से मिठाई तैयार कर रहे हैं. ताड और खजूर का रस नीरा से तैयार मिठाई शुगर फ्री है. इसे डायबिटिक पेशेंट भी खा सकते हैं. इसका स्वाद ईख के चीनी तथा गुड से तैयार मिठाई से अलग है. यही वजह है कि नीरा से तैयार मिठाई की डिमांड अधिक हो रही है. नीरा पीने से पेट साफ रहता है और नींद अच्छी आती है.

नीरा से मिठाई बनाने का ये है तरीका

2 अनुपात 1 के आधार पर दूध और नीरा से खोया तैयार किया जाता है. सबसे पहले 2 लीटर दूध में 1 लीटर नीरा मिलाया जाता है और उससे खोया तैयार किया जाता है. खोया तैयार होने के बाद उसमे मेवा मिलाया जाता है और पेडा, लड्डू तथा लाई बनाया जाता है. इसके अलावा नीरा से तिलकुट बनाने के लिए नीरा को कडाही मे डालकर गर्म किया जाता है और इससे गुड तैयार किया जाता है. गुड तैयार होने के बाद गर्म तील मिलाकर इसे कुटा जाता है फिर तिलकुट तैयार होता है.

Kunal Gupta

9 साल का पत्रकारिता का अनुभव।प्रभात खबर में कार्यरत, साथ ही बिहार न्यूज tv, आज अख़बार, दैनिक भास्कर में कार्य का अनुभव।कंटेट राइटर, एडिटिंग का कार्य,पत्रकारिता की हर विधा को सीखने की लगन।

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