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सड़क हादसे के बाद चली गई याददाश्त, होश आया तो साल 1993 समझकर पत्नी को फिर से कर दिया प्रपोज..

सड़क हादसे के बाद चली गई याददाश्त.Husband awakes from accident thinking its 1993: किसी बड़े हादसे के बाद… सिर में चोट लगना… याददाश्त जाना और फिर पुराने चीज़ों को याद दिलाकर मरीज़ को ठीक करना. ऐसी चीज़े हमें अक्सर 1990 के दौर में हिंदी फिल्मों में देखने को मिलती थी. लेकिन कई बार रियल लाइफ में भी ऐसी घटनाएं हो जाती है. अमेरिका के वर्जीनिया में ऐसी ही एक फिल्मी कहानी दोहराई गई. सड़क हादसे के बाद एक शख्स बेहोश हो गया. होश आया तो उसकी याददाश्त चली गई. वो 29 साल साल पीछे चले गए. उन्हें लगा कि ये साल 1993 है. लिहाज़ा उन्होंने अपनी पत्नी को फिर से प्रपोज कर दिया.

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एबीसी 7 न्यूज़ के मुताबिक इस साल जून में फादर्स डे पर एंड्रयू और क्रिस्टी मैकेंज़ी (Andrew and Kristy Mackenzie) एक पारिवारिक पार्टी के बाद घर लौट रहे थे. इसी दौरान एंड्रयू की मोटरसाइकिल सड़क हादसे का शिकार हो गई. बाइक एक कार से टकरा गई. एक चश्मदीद के मुताबिक, टक्कर इतनी भयंकर थी कि ये दोनों करीब 60 फीट दूर जा गिरे. तुरंत इन दोनों को हॉस्पिटल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया.

बेहद डरावना था वो पल
जब एंड्रयू को अस्पताल में होश आया तो क्रिस्टी को गहरा सदमा लगा. 58 साल के एंड्रयू की याददाश्त चली गई और उसने सोचा कि ये साल 1993 था. उसने बताया, ‘वह मुझे जानता था, लेकिन मुझे लगा कि वो भटक रहा है. वो मेरे जीवन का सबसे डरावना दिन है. मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि मैं अब क्या करूंगी. कैसे उसकी मोमोरी वापस आएगी.’

29 सालों की याददाश्त पूरी तरह से चली गई
उनकी शादी को 37 साल हो गए थे और उनके पिछले 29 सालों की याददाश्त पूरी तरह से चली गई थी. वो अपनी बेटी को भी नहीं पहचान पा रहा था. डॉक्टर उसकी हालत पर कोई सही जवाब नहीं दे पा रहे थे, भले ही यह जोड़ी इतने वर्षों से चली आ रही थी, लेकिन क्रिस्टी को 17 साल की उम्र में दौरा पड़ा था, उसकी मां की स्तन कैंसर से मृत्यु हो गई थी, और एंड्रयू ने 2016 में प्रोस्टेट कैंसर से लड़ाई लड़ी थी. हालांकि, यह दुर्घटना क्रिस्टी के लिए सबसे खराब थी.

ऐसे वापस आई याददाश्त
एंड्रयू को आईसीयू से ट्रांसफर किए जाने के बाद, क्रिस्टी ने हॉस्पिटल से उन्हें भी उसी कमरे में रखने के लिए कहा, उसने कहा, ‘मैं बस उसके पास रहना चाहती थी. हमारे पास एक ‘डू नॉट डिस्टर्ब’ साइन भी था जो एक नर्स ने बनाया था. धीरे-धीरे उनकी याददाश्त वापस आने लगी. अस्पताल में 11 दिन बिताने के बाद आखिरकार उन्हें 10 जुलाई को घर जाने की अनुमति दी गई.

फिर किया प्रपोज
अगस्त में, उत्तरी कैरोलिना के पारिवारिक समुद्र तट यात्रा पर, दोनों पहली बार व्हीलचेयर या वॉकर के इस्तेमाल के बिना चलने में सक्षम थे. एंड्रयू ने इस समय का फायदा उठाया और समुद्र तट पर टहलते हुए वह अपने घुटनों के बल बैठ गया और दूसरी बार क्रिस्टी को प्रपोज किया.

Kunal Gupta

9 साल का पत्रकारिता का अनुभव।प्रभात खबर में कार्यरत, साथ ही बिहार न्यूज tv, आज अख़बार, दैनिक भास्कर में कार्य का अनुभव।कंटेट राइटर, एडिटिंग का कार्य,पत्रकारिता की हर विधा को सीखने की लगन।

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