Patna

70 साल की मां कृष्णा बम के हौसले बुलंद,सुरक्षा घेरे में 38वीं बार 105 km दौड़कर पहुंचेंगी बाबा धाम..

भागलपुर: सावन और श्रावणी मेले में कई श्रद्धालुओं की भक्ति देखते ही बनती है लेकिन सुल्तानगंज में सोमवार को पहुंची एक 70 वर्षीय महिला को सुरक्षा घेरे में देख, उन्हें न जानने वालों के मन में सवाल खड़ा हो गया कि आखिर ये महिला है कौन? क्या कोई अधिकारी या कोई नेता? जवाब मिला- बाबा भक्त। ऐसी बाबा भक्त जो कोरोना काल के पहले तक 37 बार डाक बम बनी और दौड़ लगातार बाबा धाम देवघर पहुंची। ऐसी बाबा भक्त, जो शिक्षिका भी रहीं हैं। उनकी भक्ति-भाव में कोई विघ्न न पड़े इसलिए उन्हें सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराई जाती है।

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बाबा के बिरले-अनोखे भक्तों में शुमार मां कृष्णा बम की भक्ति ऐसी है कि उनके इंतजार में श्रावणी मेले के आयोजक भी रहते हैं। इस बार जैसे ही कृष्णा बम के आगमन की सूचना आयोजकों (प्रशासन) को मिली। उनके सम्मान की व्यवस्था भी की गई। सुल्तानगंज पहुंची कृष्णा बम को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया। इसके बाद उन्होंने गंगा जी डुबकी लगाई और यात्रा का संकल्प लेते हुए गंगाजल उठाया।

 

दर्शन के लिए बाबा भक्तों ने लगाई लाइन

जैसे ही कृष्णा बम सुल्तानगंज पहुंची। उनको जानने-पहचानने वाले अपनी मां कृष्णा बम के दर्शन के लिए दौड़ पड़े। कतारबद्ध होकर उन्होंने कृष्णा बम के पैर छुए और आशीर्वाद मांगा। बता दें कि बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के चकवासु की रहने वाली कृष्णा बम का जन्म वैशाली जिले में हुआ। शादी के बाद उन्होंने 1967 में मैट्रिक पास किया और फिर राजनीति विज्ञान से बीए किया। वे सरकारी टीचर बनी। महादेव की परम भक्त ने उनकी भक्ति के लिए नौकरी त्याग दी।

 

पाकिस्तान जाकर किया जलाभिषेक

कृष्णा बम और उनका भगवान शिव के प्रति प्रेम ऐसा है कि वे पाकिस्तान तक गईं। उनकी धार्मिक यात्रा की लिस्ट बहुत लंबी है।

हर साल सुल्तानगंज से देवघर तक 105 किमी की दौड़ लगाने के अलावा (कोरोना काल को छोड़कर) कृष्णा बम ने कई तीर्थ-धाम किए।
दिसंबर 2018 में पाकिस्तान के कटास राज धाम जाकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया।
1989 में गंगोत्री से रामेश्वरम 4500 किमी पैदल यात्रा भी तय की।
2014 में वह कैलाश मानसरोवर गईं।
पहली बार उन्होंने 1975 में पहलेजा से गरीबनाथ तक पैदल यात्रा कर वहां जलाभिषेक किया।
1982 तक लगातार पैदल ही सफर कर बाबा गरीबनाथ का जलाभिषेक किया।

11 बार साइकिल से वैष्णो देवी की यात्रा

ऐसा नहीं है कि कृष्णा बम सिर्फ शिव को ही मानती हैं। वे मां दुर्गा की भी आराधना करती हैं। पति संग वे साइकिल से 11 बार वैष्णो देवी की यात्रा कर चुकी हैं। 11 बार मुजफ्फरपुर से कटरा तक गईं। वो मुजफ्फुरपुर से मां कामख्या देवी भी साइकिल चलाकर जा चुकी हैं।

फिलहाल, एक बार फिर कृष्णा बम ने यात्रा का संकल्प ले लिया है। अब वे बिना रुके बाबा धाम तक जाएंगी। बता दें कि डाक बम वे होते हैं जो एक बार जल उठाते ही और यात्रा का संकल्प लेते ही बिना रुके अपने गंतव्य तक जाते हैं। कांवरियों के जत्थे में एक डाक बम की भक्ति देखते ही बनती हैं। इन्हीं में एक दांडी बम भी होते हैं जो दंडवत प्रणाम करते हुए बाबा धाम तक जाते हैं। डाक बम की यात्रा 24 घंटे के अंदर पूरी हो जाती है तो वहीं दांडी बम को एक महीने का समय लगता है।

Kunal Gupta

9 साल का पत्रकारिता का अनुभव।प्रभात खबर में कार्यरत, साथ ही बिहार न्यूज tv, आज अख़बार, दैनिक भास्कर में कार्य का अनुभव।कंटेट राइटर, एडिटिंग का कार्य,पत्रकारिता की हर विधा को सीखने की लगन।

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