बांका के मंदार रोप-वे पर आधी हुई सैलानियों की संख्या, दूर से ही हाथ जोड़ रहे लोग
बांका: झारखंड के देवघर जिले के त्रिकुट पर्वत पर रोप-वे हादसे का असर मंदार में स्पष्ट दिखने लगा है। सोमवार को जहां करीब एक सौ यात्रियों ने रोप-वे का सफर किया। वहीं, मंगलवार को यह संख्या आधी हो गई। मात्र 50 यात्रियों ने ही रोप-वे का सफर किया है।
हालांकि रोप-वे संचालक का कहना है कि लंच के बाद तेज हवा के कारण रोप-वे को बंद किया गया था। इस कारण से यात्रियों की संख्या काफी कम हो गई। वहीं, त्रिकुट रोप-वे हादसा के बाद मंदार में रोप-वे के संचालन में काफी सतर्कता बरती जा रही है। रोप-वे में यात्रियों की संख्या काफी कम हो गई है। भागलपुर से आए यात्री मनोज कुमार ने बताया कि देवघर हादसा के बाद रोप-वे में सफर करने में काफी भय लग रहा है। हालांकि मंदार रोप-वे पूरी तरह से सुरक्षित है।
जानकारी हो कि पर्यटन विभाग द्वारा कुछ दिन पूर्व रोप-वे का किराया 80 रुपये से बढ़ाकर 120 रुपये किया है। इस कारण से भी रोप-वे में यात्रा करने वाले पर्यटकों की संख्या में कमी आई है । इसके साथ ही भीषण गर्मी के कारण रोप-वे में यात्रा करने वालों की संख्या में कमी आई है। ज्ञात हो कि बिहार का दूसरा मंदार रोप-वे का उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गत 21 सितंबर को किया था। जिसका संचालन कोलकाता की कंपनी आरआरपीएल कर रही है।
मंदर पर्वत पहुंचे सैलानी दूर से ही रोप-वे को देख रहे हैं और सोच रहे हैं कि कैसे देवघर में हादसे में अन्य सैलानियों की हालत हुई होगी। यही डर लिए वे इस रोप-वे के एंट्री प्वाइंट तक भी नहीं जा रहे हैं। बता दें कि देवघर रोप-वे हादसे में 2500 फीट की ऊंचाई में 48 जिंदगियां फंस गई थीं। रेस्क्यू आपरेशन 45 घंटे तक चला और सेना ने 44 जिंदगियां बचा ली गई। इस हादसे में चार लोगों की मौत भी हुई। सेना, वायु सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ के द्वारा चलाए जा रहे संयुक्त अभियान में सोमवार को 33 लोगों को बचाया गया था। वहीं आज 13 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। आज भी एक महिला पहाड़ी से नीचे गिर गई और उसकी मौत हो गई।
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