सीतामढ़ी: दशरथ के घर जन्मे ललनवा,अवध में बाजे बधाइयां हो
सीतामढ़ी। ‘भये प्रकट कृपाला, दीन दयाला कौशल्या हितकारी…’ रविवार की दोपहर ठीक 12 बजते ही मंदिरों में घंटा-घड़ियाल बजने लगे। श्रद्धालुओं ने भगवान की आरती गाना शुरू कर दिया। भक्ति की धारा बह चली। लोग भाव-विह्वल हो प्रभु श्रीराम की भक्ति में डूब गए। जानकी जन्म भूमि हेलो पुनौरा धाम पुनौरा धाम जानकी मंदिर में महंत कौशल किशोर दास ने परंपरागत तरीके से भगवान श्री राम का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया।
वहीं रजत द्वार जानकी मंदिर में महंत विनोद दास के साथ श्रद्धालु भक्तों ने जन्मोत्सव मनाया। इस अवसर पर मंगल गीत और बधाइयां ‘कौशल्या के घर के जन्मे ललनवा श्री राम, अवध में बाजे बधइया’। ठुमक चलत रामचंद्र बाजे पैजनिया सहित मंगल गीतों से मां जानकी जन्म भूमि प्रभु श्री राम की भक्ति में सराबोर हो गई। नगर के पीली कुटी,हनुमान मंदिर,अंचल गली स्थित वैदेही वल्लभ निकुंज राम जानकी मंदिर सहित विभिन्न मठ मंदिरों में भगवान राम के जन्मोत्सव समारोह में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु एकत्र थे। प्रभु की झांकी को भक्तों ने खूब मनोहारी ढंग से पुष्पों से सजाया था। मध्याह्न ठीक 12 बजे भगवान श्रीराम का जन्म होते ही भक्तगण भाव विह्वल हो गए। घंटे-घड़ियाल बजने लगे। ओंकार की हुंकार लिए शंख ध्वनि गूंजने लगी। आरती आंरभ हो गई। लोग समवेत स्वर में गाने लगे ‘भये प्रकट कृपाला, दीन दयाला…’। इसके समाप्त होते ही लोगों ने गगनभेदी जयघोष किया तो इसके ठीक बाद महिला मंडली ने मंगल सोहर गायन आरंभ कर दिया ‘चइत के पावन महीनवा त रामजी जनमलें हो राम, घर-घर बाजेला बधइया त मंगल चहुंदिसि होला हो राम। केहू लुटावेला अन्न धन सोनवा केहू लुटावे धेनु गइया हो राम’। इसी के साथ भक्ति, आस्था और उल्लास की त्रिवेणी बह चली
मंदिरों में गाये जा रहे मंगल गीत, शुरू हो गया भजन कीर्त्तन
रामनवमी पर मां जानकी जन्मभूमि रविवार को राममय हो गई है। श्री राम का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। रजत द्वार जानकी मंदिर, पुनौराधाम जानकी मंदिर, पीली कुटी सहित विभिन्न मठ मंदिरों में प्रात: दस बजे से ही मंगल गीत व बधाई गाए जा रहे है। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त शामिल हैं। भगवान श्री राम के जन्म के निर्धारित समय पर मंदिरों के घंटे बजाए जाएंगे। वही, पुनौराधाम जानकी मंदिर में मां जानकी जीर्णोद्धार पर्यटन स्थल विकास समिति की ओर से भजन-कीर्त्तन, रामायण पाठ शुरू हो गया है। संध्या में दीपोत्सव का आयोजन किया जाएगा। श्री सीता जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र विकास परिषद की ओर से माता सीता की सहेली लक्ष्मणा गंगा नदीके सीता घाट पर दीपोत्सव का आयोजन कर श्रीराम का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। पुनौराधाम स्थित सीता कुंड व जानकी मंदिर स्थित उर्विजा कुंड के तट पर भी दीपोत्सव होगा। इसके अलावा विभिन्न मठ-मंदिरों में दीपोत्सव कर भगवान श्री राम का जन्मोत्सव मनाया जाएगा।
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