पश्चिम चंपारण के स्कूलों में बॉयोमीट्रिक से बनेगी गुरु जी की हाजिरी
बगहा (पचं)। विद्यालयों में शिक्षकों की लेटलतीफी जगजाहिर है। संचार क्रांति के इस दौर में भी शिक्षक रजिस्टर पर हाजिरी बनाते हैं। कुछ यही हाल सरकारी दफ्तरों का भी है। इस पर नकेल कसने के लिए सरकार ने विद्यालयों समेत सरकारी दफ्तरों में बॉयोमीट्रिक मशीन से हाजिरी बनाने की व्यवस्था करने की पहल की है। सरकार के सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिख कर नए वित्तीय वर्ष में इसकी व्यवस्था करने का आदेश दिया है। यदि ऐसा हुआ तो इसके दूरगामी परिणाम सामने आएंगे। सरकार के संयुक्त सचिव ने सभी विभागों के अधिकारियों को पत्र लिखकर यह निर्देश दिया है कि 25 अप्रैल तक बॉयोमीट्रिक मशीन की खरीद कर इसे संबंधित विभाग के कार्यालयों में लगाना सुनिश्चित करें । इसके बाद हर हाल में एक जून से इस मशीन से हा•िारी लगनी शुरू हो जाए। उल्लेखनीय है कि इस व्यवस्था के प्रभावी हो जाने के बाद सरकारी दफ्तरों में 12 बजे पहुंचने और फिर तीन बजे निकल जाने वाले कर्मियों और अधिकारियों की कार्यशैली निश्चित रूप से सुधार जाएगी। बॉयोमीट्रिक मशीन में दर्ज हा•िारी के अनुसार ही वेतन भुगतान की कवायद पूरी होगी।
व्यवस्था बदलने का पूर्व में भी हो चुका है प्रयास
दफ्तरों की कार्यशैली और व्यवस्था बदलने का प्रयास स्थानीय स्तर पर पांच साल पूर्व भी हो चुका है। तत्कालीन एसडीएम धर्मेन्द्र कुमार ने सभी दफ्तरों समेत सरकारी विद्यालय में नियत समय पर पहुंच कर व्हाट््सएप के माध्यम से ग्रुप फोटो प्रेषित करने का निर्देश दिया था। जहां से हा•िारी अप्राप्त होती थी, संबधित कर्मी-अधिकारी को अनुपस्थित मान लिया जाता था। इससे काफी सुधार देखने को मिला। इस बीच उनके तबादले के बाद व्यवस्था एक बार फिर से यथावत हो गई
स्कूल होंगे स्मार्ट जब समय से पहुंचने लगेंगे गुरु जी
सरकारी स्कूलों में सबसे अधिक समस्या शिक्षकों के देर पहुंचने के कारण उत्पन्न होती है। इससे पठन पाठन तो बाधित होता ही है, शिक्षकों के बीच मनभेद भी गहरा जाने की संभावना बढ़ जाती है। नई व्यवस्था प्रभावी होने के बाद हमेशा यह समस्या सदा के लिए समाप्त हो जाएगी।
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