समय से मिला इलाज और बच गई दीक्षा की जान
जागरूकता के कारण सही समय पर हो सकी पहचान, सदर अस्पताल के पीकू वार्ड में चल रहा इलाज
मोतिहारी।
आशा और चिकित्सकों की तत्परता ने दीक्षा को नया जीवनदान दिया है। अपने ननिहाल चकिया के वैशहा गांव आई दीक्षा ने एईएस पर विजयी प्राप्त कर ली है। सिविल सर्जन डॉ अंजनी कुमार ने बताया कि 10 अप्रैल को जिले के चकिया प्रखण्ड में चार वर्षीय दीक्षा कुमारी में चमकी के लक्षण दिखाई देने लगा, जिससे उसके परिजन घबरा गए। इसके बाद उसे फौरन चकिया स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। इलाज शुरू हुआ। इलाज के दौरान बीपी, सुगर इत्यादि की जांच की गई।इमरजेंसी इलाज के बाद जब उसकी स्थिति सुधरने लगी, तब उसे मोतिहारी सदर अस्पताल के पीकू वार्ड में भर्ती कराया गया। अब वहां चिकित्सकों की निगरानी में दीक्षा का इलाज कराया जा रहा है। अब दीक्षा खतरे से बाहर है।
चमकी पर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
सिविल सर्जन ने बताया कि एईएस/चमकी के रोकथाम व इलाज के लिए जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि मामले आए तो सही इलाज किया जा सके। चमकी से बच्चों को सुरक्षित रखने के प्रति स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। डीभीडिसीओ डॉ शरत चंद्र शर्मा ने बताया कि सदर अस्पताल मोतिहारी के पीकू वार्ड में इलाज की व्यवस्था उपलब्ध है। यहां चमकी प्रभावित बच्चों को सरकारी स्तर पर दवा, इलाज, एम्बुलेंस की सुविधाएं भी निःशुल्क उपलब्ध है।
सीएस ने जारी किए निर्देश
सीएस डॉ अंजनी कुमार ने निजी डॉक्टर और जांच घरों को यह निर्देश जारी किया है कि किसी के यहां एईएस व जेई का संदेहास्पद केस मिले तो तुरंत सूचना सीएस कार्यालय को दें। चिकित्सा पदाधिकारियों को यह निर्देश दिया गया है कि चमकी का लक्षण दिखे तो सरकारी एंबुलेंस के अलावा निजी वाहन से तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचे। ताकि समय पर इलाज हो सके।
रात में भूखे न सोने दें बच्चे को
पीकू वार्ड के प्रभारी शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ पंकज कुमार ने बताया कि जिस तेजी से तापमान बढ़ रहा है ऐसे में एईएस का बढ़ना तय है। इससे बचाव के लिये अभिभावक अपने बच्चे को धूप से बचाएं। रात को किसी भी हालत में भूखे नहीं सोने दें। दिन में एक बार ओआरएस घोल जरूर पिलाएं। बच्चे को अधपके, कच्चे और सड़े गले फल नहीं खाने दें। बच्चा अगर घर में भी है तो घर की खिड़की व दरवाजा बंद नहीं करें। हवादार रहने दें। बच्चे में चमकी के लक्षण दिखने पे बिना देर किए उपलब्ध वाहन से नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुँचाये।
9 साल का पत्रकारिता का अनुभव।प्रभात खबर में कार्यरत, साथ ही बिहार न्यूज tv, आज अख़बार, दैनिक भास्कर में कार्य का अनुभव।कंटेट राइटर, एडिटिंग का कार्य,पत्रकारिता की हर विधा को सीखने की लगन।
