Patna

जापान में फंसा पटना मेट्रो रेल प्रोजेक्‍ट का सपना, फंड मिले तो काम आगे बढ़ने की उम्‍मीद ।

कुमार रजत, पटना। Patna Metro Rail Project: पटना मेट्रो के निर्माण से जुड़ा करीब चार हजार करोड़ का काम जाइका (जापान इंटरनेशनल को-आपरेशन एजेंसी) के इंतजार में अटका है। जाइका से वित्तीय सहयोग मिलते ही एक दर्जन से अधिक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसमें भूमिगत मेट्रो का काम सबसे प्रमुख है। मेट्रो की प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, 1170 करोड़ रुपये से मीठापुर से चिडिय़ाघर स्टेशन तक और 940 करोड़ रुपये से चिडिय़ाघर से पाटलिपुत्र स्टेशन तक के भूमिगत रूट का काम जायका के फंड से होना है। इसके अलावा भूमिगत स्टेशनों पर लिफ्ट, एलिवेटर लगाने और कारिडोर-एक और कोरिडोर-दो के सिग्नल और टेलीकाम आदि का काम भी जायका के सहयोग से होगा।

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सर्वे और साइट भ्रमण कर चुकी है जाइका

पटना मेट्रो प्रोजेक्ट निर्माण की कुल लागत 13,925 करोड़ आंकी गई है। इसमें केंद्र व राज्य सरकार की हिस्सेदारी 20-20 प्रतिशत है, जबकि 60 प्रतिशत राशि वित्तीय संस्थाओं से साफ्ट लोन के रूप में मिलनी है। अधिकारियों के अनुसार, पटना मेट्रो को वित्तीय सहायता देने में जाइका ने अपनी रुचि दिखाई है। अक्टूबर, 2021 में जाइका इंडिया टीम की ओर से पटना मेट्रो का साइट भ्रमण भी किया गया है। नवंबर में जाइका के जापान मुख्यालय की ओर से पटना मेट्रो का फैक्ट फाइंडिंग सर्वे भी कराया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही जायका की ओर से वित्तीय सहयोग से जुड़ा समझौता होगा, जिसके बाद मेट्रो के काम में तेजी आएगी।

60 फीसद राशि वित्तीय संस्थाओं से मिलनी है मेट्रो प्रोजेक्ट को
32.49 किलोमीटर है पटना मेट्रो के दोनों कोरिडोर की लंबाई
17.93 किमी लंबा है दानापुर-मीठापुर-खेमनीचक रूट
14.56 किमी लंबा है पटना स्टेशन-गांधी मैदान-आइएसबीटी रूट
मलाही पकड़ी से आइएसबीटी के बीच पांच स्टेशन

पटना मेट्रो का काम अभी मुख्य तौर पर मलाही पकड़ी से न्यू आइएसबीटी तक बनने वाले प्रायोरिटी कारिडोर में चल रहा है। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार दोनों की ओर से राशि मिल रही है। सात किलोमीटर लंबा यह रूट एलिवेटेड है, जो कंकड़बाग के इलाके को नए बस स्टैंड से जोड़ेगा। इस कोरिडोर में पांच स्टेशन होंगे जिसमें मलाही पकड़ी, खेमनीचक, भूतनाथ, जीरो माइल और न्यू आइएसबीटी डिपो शामिल है। इस इलाके में पटना मेट्रो का काम जमीन पर दिखने लगा है। फिलहाल पिलर ढालने का काम चल रहा है।

जाइका फंड से होने हैं यह महत्वपूर्ण काम

मीठापुर रैंप से पटना चिडिय़ाघर तक भूमिगत कोरिडोर का काम
पटना चिडिय़ाघर स्टेशन से पाटलिपुत्र स्टेशन तक भूमिगत कोरिडोर
भूमिगत स्टेशनों के लिए लिफ्ट, एलिवेटर व एसकलेटर का काम
मेट्रो के कोरिडोर-एक और कोरिडोर-दो के रोलिंग स्टाक का काम
कोरिडोर-एक व दो के सिग्नल और टेलीकाम का काम आदि।

Kunal Gupta

9 साल का पत्रकारिता का अनुभव।प्रभात खबर में कार्यरत, साथ ही बिहार न्यूज tv, आज अख़बार, दैनिक भास्कर में कार्य का अनुभव।कंटेट राइटर, एडिटिंग का कार्य,पत्रकारिता की हर विधा को सीखने की लगन।

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