Patna

कालाजार उन्मूलन के लिए समीक्षा बैठक सह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

सहरसा, 23 दिसम्बर। जिले में कालाजार उन्मूलन के लिए अब तक किये गये कार्यों की समीक्षा एवं एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन रेडक्रॉस भवन के सभागार में सिविल सर्जन डा. अवधेश कुमार की अध्यक्षता में हुआ। समीक्षात्मक बैठक में इस वर्ष कालाजार उन्मूलन की दिशा में जिला स्तर पर किये गये कार्यों की समीक्षा की गई। जिसमें डब्ल्यूएचओ के जोनल कोर्डिनेटर डा. दिलीप कुमार, अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डा. किशोर कुमार मधुप, जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डा. रवीन्द्र कुमार, वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी प्रवीण कुमार, जिला वेक्टर जनित रोग सलाहकार राजेश कुमार, डीईओ अशफाक उल्लाह, केयर इंडिया की डीपीओ नसरीन बानो, जिले के सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।

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जिले के चार सरकारी संस्थान कालाजार इलाज के लिए समर्पित-

सिविल सर्जन डा. अवधेश कुमार ने बताया कालाजार उन्मूलन को लेकर सरकार प्रतिबद्ध है। इस दिशा में विभिन्न स्तर पर कार्य किये जा रहे हैं। इसी कड़ी में जिले के रेडक्रॉस सभागर में समीक्षा बैठक सह एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। देश भर में 54 जिले कालाजार से प्रभावित हैं। उनमें से बिहार के 33 जिले कालाजार से प्रभावित हैं। सहरसा भी उन्हीं एक जिलों में आता है, जहां कालाजार के मरीज मिलते रहते हैं। कालाजार मुक्ति के लिए जिले के चार संस्थानों सदर अस्पताल सहरसा, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सौरबाजार, अनुमंडलीय अस्पताल सिमरी बख्तियारपुर एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सलखुआ को कालाजार समर्पित स्वास्थ्य संस्थान के तौर पर चिह्नित किया गया है। जहां कालाजार रोगियों का एमबीजोन की एकल खुराक दवा के माध्यम से इलाज किया जा रहा है।

 

दो सप्ताह से अधिक बुखार रहने पर करायें कालाजार परीक्षण-

सिविल सर्जन डा. अवधेश कुमार ने बताया कालाजार एक वेक्टर जनित रोग है जो संक्रमित बालू मक्खी के काटने से होता है। यह संक्रमित बालू मक्खी कालाजार रोग के कारक परजीवी लीशमेनिया डोनोवानी को एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक फैलाती है। यह बालू मक्खी कम प्रकाश वाले, नम जगहों, मिट्टी की दीवारों, जानवर बांधने के स्थान आदि पर पाये जाते हैं। कालाजार प्रभावित क्षेत्र में रहने वाले लोगों को चाहिए कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से ज्यादा समय से बुखार हो और वह सामान्य उपचार या मलेरिया उपचार से ठीक न हो रहे हों तो उन्हें कालाजार हो सकता है। ऐसे में उन्हें अपना कालाजार परीक्षण निकटम स्वास्थ्य केन्द्रों पर करवाते हुए अपना इलाज आरंभ कर देना चाहिए। कालाजार उत्पन्न करने वाले परजीवी के संक्रमण से रोगी के शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है, जिससे वह अन्य दूसरे गंभीर रोगों से ग्रसित हो सकते हैं।

Kunal Gupta

9 साल का पत्रकारिता का अनुभव।प्रभात खबर में कार्यरत, साथ ही बिहार न्यूज tv, आज अख़बार, दैनिक भास्कर में कार्य का अनुभव।कंटेट राइटर, एडिटिंग का कार्य,पत्रकारिता की हर विधा को सीखने की लगन।

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